संक्षेप में
- थेरेपी के लिए "पागल" या बहुत बीमार होना ज़रूरी नहीं। तनाव, रिश्ते, उदासी, चिंता या कोई बड़ा बदलाव, ये सब आने की अच्छी वजहें हैं।
- पूरा सेशन हिंदी में हो सकता है, या हिंदी और अंग्रेज़ी मिलाकर, जैसे आप सहज हों।
- मनोवैज्ञानिक सलाह थोपते नहीं और दवा नहीं लिखते। वे आपके साथ मिलकर समझते हैं कि क्या हो रहा है।
- आपकी बातें गोपनीय रहती हैं, कुछ दुर्लभ अपवादों के साथ।
- फ़ीस नीचे आपके देश के हिसाब से दिखाई गई है। नए क्लाइंट को पहले सेशन पर 10% की छूट मिलती है।
थेरेपी क्या है?
सीधा जवाब: थेरेपी (जिसे साइकोथेरेपी या काउंसलिंग भी कहते हैं) एक प्रशिक्षित मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर के साथ नियमित, निजी बातचीत है। इसका मक़सद है अपने विचारों, भावनाओं और व्यवहार के पैटर्न को समझना, और रोज़मर्रा की ज़िंदगी को थोड़ा आसान बनाने के व्यावहारिक तरीक़े सीखना।
हमारे यहाँ अक्सर मन की बात घर के किसी बड़े, दोस्त या रिश्तेदार से कही जाती है, और वह भी कई बार मदद करता है। थेरेपी इससे अलग इसलिए है क्योंकि सामने वाला व्यक्ति प्रशिक्षित है, आपके बारे में कोई राय नहीं बनाता, आपकी बात किसी और को नहीं बताता, और उसका पूरा ध्यान सिर्फ़ आप पर होता है।
थेरेपी क्या है
- एक सुरक्षित जगह, जहाँ आप बिना डरे बात कर सकें
- अपने पैटर्न समझने में मदद
- मुश्किल भावनाओं से निपटने के तरीक़े
- मिलकर तय किए गए लक्ष्य
थेरेपी क्या नहीं है
- कोई आपको बताए कि ज़िंदगी कैसे जिएँ
- "कमज़ोरी" की निशानी
- सिर्फ़ गंभीर बीमारी वालों के लिए
- एक बार में सब ठीक कर देने का वादा
थेरेपी किन बातों में मदद करती है?
लोग कई वजहों से थेरेपी शुरू करते हैं। कुछ आम वजहें:
- लगातार चिंता या घबराहट
- उदासी, मन न लगना
- ज़्यादा सोचना (overthinking)
- रिश्तों और शादी में तनाव
- परिवार से जुड़ी उलझनें
- काम या पढ़ाई का दबाव, बर्नआउट
- अकेलापन
- आत्मविश्वास की कमी
- पुराने दर्दनाक अनुभव
- नींद की परेशानी
- किसी अपने को खोने का दुख
- OCD, ADHD जैसे सवाल
अगर आपको यक़ीन नहीं कि आपकी परेशानी "थेरेपी लायक" है, तो भी आ सकते हैं। पहला सेशन यही समझने के लिए होता है।
थेरेपी कैसे काम करती है?
एक सेशन आम तौर पर 50 मिनट का होता है, ऑनलाइन वीडियो पर या लखनऊ में आमने-सामने। ज़्यादातर लोग हफ़्ते में एक बार से शुरू करते हैं और चीज़ें संभलने पर सेशन के बीच का समय बढ़ा देते हैं।
- पहला सेशन: आपका मनोवैज्ञानिक पूछता है कि आप क्यों आए हैं, अब तक क्या आज़माया है, और आप क्या बदलना चाहते हैं। आप जितना चाहें, उतना ही बताएँ। विस्तार से पहले सेशन के बारे में पढ़ें।
- लक्ष्य तय करना: आप दोनों मिलकर तय करते हैं कि किस बात पर काम करना है।
- नियमित सेशन: बातचीत के साथ-साथ ठोस तरीक़े, जैसे विचारों को परखना, भावनाओं को पहचानना, या मुश्किल हालात के लिए नए जवाब आज़माना।
- प्रगति देखना: समय-समय पर देखा जाता है कि क्या बदल रहा है और आगे क्या करना है।
थेरेपी के कई तरीक़े हैं, जैसे CBT (कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी), DBT, माइंडफ़ुलनेस पर आधारित थेरेपी, और साइकोडायनामिक थेरेपी। आपका मनोवैज्ञानिक आपकी ज़रूरत के हिसाब से तरीक़ा चुनता है। अंग्रेज़ी में और पढ़ें: थेरेपी के 5 मुख्य प्रकार।
कौन क्या करता है?
- क्लिनिकल साइकोलॉजिस्टमानसिक स्वास्थ्य की गहरी ट्रेनिंग (M.Phil या Ph.D) वाले विशेषज्ञ, जो भारत में रिहैबिलिटेशन काउंसिल ऑफ़ इंडिया (RCI) से लाइसेंस प्राप्त होते हैं। ये थेरेपी और मनोवैज्ञानिक असेसमेंट करते हैं, दवा नहीं लिखते।
- काउंसलिंग साइकोलॉजिस्टरोज़मर्रा की उलझनों, तनाव और रिश्तों पर बातचीत के ज़रिए काम करते हैं। हमारे यहाँ ये सीनियर क्लिनिशियन की निगरानी में काम करते हैं।
- साइकियाट्रिस्ट (मनोचिकित्सक)मेडिकल डॉक्टर (MBBS, MD), जो डायग्नोसिस करते हैं और ज़रूरत हो तो दवा लिखते हैं। उनका परामर्श छोटा और मेडिकल होता है, थेरेपी नहीं।
कई बार थेरेपी और दवा साथ-साथ सबसे अच्छा काम करती हैं। आपकी सहमति से हमारी टीम आपस में तालमेल रखती है। हमारी टीम से मिलें
अपनी भाषा में थेरेपी क्यों?
भावनाएँ अक्सर उसी भाषा में आती हैं जिसमें हम बड़े हुए। "घबराहट", "मन भारी है", "दिल बैठ रहा है", ऐसी बातें दूसरी भाषा में कहते हुए अक्सर उनका असली मतलब खो जाता है। अपनी भाषा में आप बिना शब्द ढूँढे, सीधे अपनी बात कह पाते हैं, और यही थेरेपी को असरदार बनाता है।
रूह माइंड केयर में सेशन हिंदी, अंग्रेज़ी या दोनों मिलाकर हो सकते हैं। टीम सिंधी, उर्दू, कन्नड़, तमिल, तेलुगु और मलयालम भी बोलती है। अंग्रेज़ी में और पढ़ें: Therapy in Hindi।
फ़ीस
बुकिंग से पहले पूरी फ़ीस दिखाई जाती है। नीचे की फ़ीस आपके देश के हिसाब से अपने आप बदलती है: भारत में रुपये में, और भारत के बाहर रुपये के साथ डॉलर में।
भारत में फ़ीस
सीनियर क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट
संस्थापक अनामिका रावलानी और डॉ. पूर्णिमा चंद्रशेखर सहित, RCI से लाइसेंस प्राप्त सीनियर क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट।
WELCOME10₹2,250 पहला सेशनआम फ़ीस ₹2,500 · 10% की छूट, नए क्लाइंट के पहले सेशन पर, चेकआउट पर अपने आप
| पैकेज | कुल | प्रति सेशन | बचत | इतने समय में इस्तेमाल करें |
|---|---|---|---|---|
| 4 सेशन | ₹9,500 | ₹2,375 | ₹500 | 6 महीने |
| 8 सेशन सबसे ज़्यादा चुना गया | ₹18,000 | ₹2,250 | ₹2,000 | 8 महीने |
| 16 सेशन | ₹34,000 | ₹2,125 | ₹6,000 | 12 महीने |
हमारे मनोवैज्ञानिक
रूह माइंड केयर टीम के प्रशिक्षित मनोवैज्ञानिक, सीनियर क्लिनिशियन की निगरानी में।
WELCOME10₹1,440 पहला सेशनआम फ़ीस ₹1,600 · 10% की छूट, नए क्लाइंट के पहले सेशन पर, चेकआउट पर अपने आप
| पैकेज | कुल | प्रति सेशन | बचत | इतने समय में इस्तेमाल करें |
|---|---|---|---|---|
| 4 सेशन | ₹5,760 | ₹1,440 | ₹640 | 6 महीने |
| 8 सेशन सबसे ज़्यादा चुना गया | ₹10,880 | ₹1,360 | ₹1,920 | 8 महीने |
| 16 सेशन | ₹20,480 | ₹1,280 | ₹5,120 | 12 महीने |
कपल्स थेरेपी
दोनों पार्टनर साथ में: बातचीत, झगड़े और भरोसा।
₹2,800 प्रति सेशन
साइकियाट्रिस्ट से परामर्श
डायग्नोसिस और दवा के लिए डॉक्टर से मेडिकल परामर्श। यह थेरेपी नहीं है।
WELCOME10₹900 पहला परामर्शआम फ़ीस ₹1,000 · 10% की छूट, नए क्लाइंट के पहले परामर्श पर, चेकआउट पर अपने आप
सभी फ़ीस अंतिम हैं, कोई छुपा शुल्क नहीं। भुगतान Razorpay से रुपये में होता है; हम कार्ड या UPI की जानकारी कभी नहीं रखते।
पैकेज, किस्तों (EMI) और सभी विकल्पों के लिए पूरी फ़ीस देखें। छात्रों और आर्थिक तंगी में किसी के लिए कम फ़ीस पर बात की जा सकती है: WhatsApp पर पूछें।
गोपनीयता
सेशन में आप जो भी कहते हैं, वह गोपनीय रहता है। आपकी लिखित सहमति के बिना कोई जानकारी किसी को नहीं दी जाती, सिवाय तीन दुर्लभ स्थितियों के: आपको या किसी और को गंभीर और तुरंत ख़तरा, किसी नाबालिग या कमज़ोर व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार, या अदालत का क़ानूनी आदेश। आपकी लिखित सहमति के बिना सेशन कभी रिकॉर्ड नहीं किए जाते।
आम सवाल
क्या थेरेपी सिर्फ़ गंभीर मानसिक बीमारी के लिए है?
नहीं। बहुत से लोग तनाव, रिश्तों, काम के दबाव, अकेलेपन या किसी बड़े बदलाव के समय आते हैं। थेरेपी के लिए किसी डायग्नोसिस की ज़रूरत नहीं।
थेरेपी में कितना समय लगता है?
यह आपकी ज़रूरत पर निर्भर करता है। कुछ लोगों को कुछ ही हफ़्तों में फ़र्क दिखता है, कुछ लोग लंबे समय तक आते हैं। कितने सेशन होंगे, यह आप अपने मनोवैज्ञानिक के साथ मिलकर तय करते हैं; कोई तय संख्या का वादा नहीं लिया जाता।
क्या थेरेपिस्ट दवा देते हैं?
नहीं। मनोवैज्ञानिक बातचीत से काम करते हैं और दवा नहीं लिखते। दवा की ज़रूरत हो तो साइकियाट्रिस्ट, जो एक डॉक्टर होते हैं, परामर्श देते हैं।
क्या मेरी बातें किसी को बताई जाएँगी?
नहीं। आपकी बातें गोपनीय रहती हैं। केवल कुछ दुर्लभ अपवाद हैं: आपको या किसी और को गंभीर और तुरंत ख़तरा, किसी नाबालिग या कमज़ोर व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार, या अदालत का क़ानूनी आदेश।
जब आप तैयार हों
पहले कुछ पूछना चाहते हैं? WhatsApp पर हमें लिखें, या कुछ आसान सवालों से जानें कि आपके लिए कौन सही रहेगा।